बांग्लादेश चुनाव: केयरटेकर से विद्रोह तक, कैसे बदली चुनावी तस्वीर?

दक्षिण एशिया
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News18•11-02-2026, 15:52
बांग्लादेश चुनाव: केयरटेकर से विद्रोह तक, कैसे बदली चुनावी तस्वीर?
- •1971 में आजादी के बाद से बांग्लादेश के चुनावी इतिहास में अस्थिरता रही है; 12 में से केवल 4 चुनाव ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष माने गए हैं.
- •2001 का चुनाव केयरटेकर सरकार के तहत हुआ, जिसमें BNP जीती, लेकिन अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हुई, जिससे 10 लाख लोग देश छोड़कर चले गए.
- •शेख हसीना ने 2011 में केयरटेकर प्रणाली को समाप्त कर दिया, जिससे 2014 और 2018 के चुनावों में विवाद, धांधली के आरोप और बहिष्कार हुए.
- •2024 के चुनाव, जिसका BNP ने बहिष्कार किया, के बाद छात्र विद्रोह हुआ, हसीना ने इस्तीफा दिया और एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ.
- •बांग्लादेश अब मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार के अधीन है, फरवरी 2026 में नए चुनाव होने हैं, जिसमें जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव और निष्पक्षता को लेकर चिंताएं हैं.
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