Jamaat-e-Islami leader Shafiqur Rahman addresses to the media after casting his vote in a polling station during national parliamentary election in Dhaka, Bangladesh, on February 12, 2026. (Photo: Anupam Nath/AP)
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Firstpost12-02-2026, 15:26

बांग्लादेश चुनाव: जमात-ए-इस्लामी का उदय, राज्य के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरा.

  • बांग्लादेश में नई सरकार के लिए मतदान हो रहा है, लेकिन असली सत्ता संघर्ष कट्टरपंथी इस्लामी समूहों, विशेषकर जमात-ए-इस्लामी से जुड़ा है.
  • अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस ने जमात-ए-इस्लामी पर से प्रतिबंध हटा दिया, जिससे उसे देश की राजनीतिक और सरकारी संरचनाओं में अपनी जड़ें जमाने की अनुमति मिली.
  • दीप हल्दर जैसे विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि जमात एक 'डीप स्टेट' बन रही है, जिसका लक्ष्य चुनाव परिणामों की परवाह किए बिना राज्य तंत्र को नियंत्रित करना है.
  • जमात, पाकिस्तान में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय इस्लामी आंदोलन है, जो शरिया-आधारित राज्य स्थापित करना चाहता है, राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र को अस्वीकार करता है.
  • शेख हसीना के निष्कासन के बाद से कट्टरता में वृद्धि, महिलाओं के अधिकारों पर प्रतिबंध और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं, जो जमात के सत्ता में रहने के पिछले अवधियों के समान है.

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