(FILES) U.S. President George W. Bush gestures as he speaks with his Russian counterpart Vladimir Putin (R) at Bocharov Ruchei in Sochi April 5, 2008.  REUTERS/RIA Novosti/Kremlin
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Moneycontrol26-12-2025, 17:34

बुश-पुतिन वार्ता ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर गहरी चिंताएं उजागर कीं, भारत की बात सही साबित हुई.

  • 2001-2008 की बुश-पुतिन की अवर्गीकृत वार्ता से पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और अस्थिरता पर गहरी निजी चिंताएं सामने आईं, भले ही वह सार्वजनिक रूप से सहयोगी था.
  • पुतिन ने पाकिस्तान को "परमाणु हथियारों वाला एक जुंटा" कहा, सैन्य शासन और लोकतंत्र की कमी पर प्रकाश डाला.
  • दोनों नेताओं को पाकिस्तान के परमाणु प्रसार की चिंता थी, जिसमें ए क्यू खान की गतिविधियां और ईरान में पाए गए पाकिस्तानी मूल के यूरेनियम का जिक्र था.
  • अमेरिका और रूस ने पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार, सैन्य प्रभुत्व और चरमपंथी समूहों से संबंधों के बारे में भारत की लंबे समय से चली आ रही आशंकाओं को निजी तौर पर साझा किया.
  • भू-राजनीतिक सुविधा, विशेष रूप से 9/11 के बाद, पश्चिमी शक्तियों को निजी चिंताओं के बावजूद सार्वजनिक रूप से इन मुद्दों को कम आंकने के लिए प्रेरित किया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अवर्गीकृत वार्ता ने पुष्टि की कि वैश्विक नेताओं को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का निजी तौर पर डर था, भारत की चेतावनियों को मान्य किया.

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