
चीन का होर्मुज पर नियंत्रण तेल की कीमतों को $150-$200 प्रति बैरल तक पहुंचा सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।
भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ती ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति में बाधाओं के कारण धीमी जीडीपी वृद्धि, उच्च मुद्रास्फीति और बढ़े हुए व्यापार घाटे के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।
हाँ, अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ सकता है। सऊदी अरब और यूएई कथित तौर पर अमेरिका और इज़राइल के साथ आ रहे हैं, जिससे संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है।