पाकिस्तान को अमेरिका का गैर-भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है. (फाइल फोटो)
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News1809-01-2026, 04:50

ईरान, इजरायल... 'धोखेबाज' पाकिस्तान क्यों बना अमेरिका के लिए सिरदर्द? थिंक टैंक ने खोली पोल.

  • गैटस्टोन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, मेजर नॉन-नाटो सहयोगी (MNNA) का दर्जा होने के बावजूद पाकिस्तान अमेरिका का अविश्वसनीय सहयोगी है.
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका और इजरायल से अधिक प्राथमिकता देता है, जिससे वाशिंगटन का भरोसा कम होता है.
  • पाकिस्तान ने 1979 में ईरान के इस्लामिक गणराज्य को मान्यता देने वाला पहला देश था; ईरान ने 1947 में पाकिस्तान को मान्यता दी थी.
  • पाकिस्तान और ईरान दोनों बलूच राजनीतिक गतिविधियों को अपनी क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा मानते हुए एक समान रुख रखते हैं.
  • चीन के साथ साझा आर्थिक हित, जिसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा शामिल है, इस गठबंधन को और मजबूत करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पाकिस्तान की रणनीतिक अविश्वसनीयता और ईरान के साथ मजबूत संबंध अमेरिकी विदेश नीति के लिए चुनौती हैं.

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