2026 में भारत के निर्यात पर संरक्षणवाद और जलवायु व्यापार प्रतिबंधों का दबाव.

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Firstpost•25-12-2025, 15:07
2026 में भारत के निर्यात पर संरक्षणवाद और जलवायु व्यापार प्रतिबंधों का दबाव.
- •भारत का महत्वाकांक्षी $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य 2026 में वैश्विक संरक्षणवाद और EU के CBAM जैसे जलवायु-संबंधी व्यापार प्रतिबंधों के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है.
- •GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में निर्यात $850 बिलियन से अधिक होने की संभावना नहीं है, जिससे $1 ट्रिलियन का लक्ष्य दूर लग रहा है.
- •यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM), जो 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा, पहले ही EU को भारतीय इस्पात निर्यात में 24% की गिरावट का कारण बन चुका है.
- •भारत निर्यात गंतव्यों में विविधता ला रहा है, लेकिन US और EU जैसे महत्वपूर्ण बाजार अभी भी महत्वपूर्ण हैं, जिनके लिए रणनीतिक जुड़ाव आवश्यक है.
- •मौजूदा 18 FTAs से परिणाम प्राप्त करने, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, लागत कम करने और प्रमुख क्षेत्रों में मूल्यवर्धन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2026 भारत के निर्यात के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए वैश्विक व्यापार बाधाओं को दूर करने हेतु रणनीतिक ध्यान आवश्यक है.
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