बीएनपी की लहर से जमात-ए-इस्लामी संकट में, चुनाव से पहले सौदेबाजी की शक्ति घटी.

दुनिया
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News18•25-12-2025, 15:59
बीएनपी की लहर से जमात-ए-इस्लामी संकट में, चुनाव से पहले सौदेबाजी की शक्ति घटी.
- •तारीक रहमान की वापसी के बाद बीएनपी के अनुमानित वोट शेयर (42-45%) के मुकाबले जमात-ए-इस्लामी का 8-10% समर्थन कम होने से पार्टी हाशिए पर जाने से डर रही है.
- •जमात इसे "अस्तित्व का संकट" मानती है, अंतरिम प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर जून 2025 की लंदन बैठक के माध्यम से तारीक रहमान के राजनीतिक पुनर्वास में मदद करने का आरोप लगाती है.
- •जमात विदेशी चुनाव चर्चाओं पर आपत्ति जताती है और बीएनपी की जनसभाओं की तुलना में नियमों के असमान प्रवर्तन का दावा करती है.
- •भारतीय खुफिया जानकारी के अनुसार, ढाका, बोगुरा और चट्टोग्राम में बीएनपी की वापसी के बाद की रैलियों ने मतदाताओं को एकजुट किया है, जिससे जमात की सौदेबाजी की शक्ति कम हो गई है.
- •एक पुनरुत्थानशील बीएनपी बांग्लादेश के विपक्षी परिदृश्य को फिर से परिभाषित करने की धमकी दे रही है, जिससे जमात की सत्ता दलाल की भूमिका समाप्त हो सकती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तारीक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी का पुनरुत्थान बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी की राजनीतिक प्रासंगिकता को खतरे में डाल रहा है.
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