Activists of Bangladesh's Jamaat-e-Islami party stage a protest rally against a nationwide "lockdown" called by ousted Prime Minister Sheikh Hasina and her former ruling Awami League party, in Dhaka, Bangladesh, Thursday, Nov. 13, 2025. (AP Photo)
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Firstpost02-02-2026, 13:23

जमात की महिला नेताओं ने इस्लामी सिद्धांतों का हवाला देते हुए महिला उम्मीदवारों पर प्रतिबंध का बचाव किया.

  • जमात-ए-इस्लामी महिला विंग की सचिव नूरुन्निसा सिद्दीका ने कहा कि इस्लामी सिद्धांतों के अनुरूप महिलाओं को पार्टी में नेतृत्व के पद संभालने से रोका गया है.
  • सिद्दीका ने बांग्लादेश के आम चुनाव में महिला उम्मीदवारों को मैदान में न उतारने के पार्टी के फैसले को "आंतरिक संगठनात्मक निर्णय" बताते हुए उचित ठहराया.
  • उन्होंने तर्क दिया कि कुरान पुरुषों को महिलाओं के निर्देशक के रूप में बताता है, जिससे महिलाओं को इस्लामी संगठनों में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका निभाने से रोका जाता है.
  • सिद्दीका ने सवाल किया कि क्या बांग्लादेश में महिला प्रधानमंत्रियों ने महिलाओं की समस्याओं को हल किया था, शीर्ष पदों पर लिंग के बजाय मानवीय नेतृत्व पर जोर दिया.
  • जमात महिला विंग की प्रमुख हबीबा चौधरी ने महिला जमात कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों और महिलाओं के मतदान अधिकारों का प्रयोग करने में आने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जमात-ए-इस्लामी की महिला नेताओं ने इस्लामी सिद्धांतों का हवाला देते हुए महिला उम्मीदवारों को मैदान में न उतारने की पार्टी की नीति का बचाव किया.

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