Maulana Fazlur Rehman claimed he would “openly violate” the laws as a form of protest and questioned the state’s authority to enforce them. (Screengrab)
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News1828-01-2026, 16:06

पाकिस्तान के शीर्ष मौलवी ने बाल विवाह, घरेलू हिंसा कानूनों की अवहेलना करने की धमकी दी.

  • जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने बाल विवाह निषेध विधेयक 2025 और घरेलू हिंसा (रोकथाम और संरक्षण) अधिनियम 2026 सहित नए पारिवारिक कानून सुधारों को खुले तौर पर चुनौती दी है.
  • रहमान ने घोषणा की कि वह इन कानूनों का "खुले तौर पर उल्लंघन" करेंगे और कहा कि वह 10-16 वर्ष की आयु के नाबालिगों से जुड़े विवाहों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे और उन्हें सुविधाजनक बनाएंगे.
  • संसद द्वारा पारित घरेलू हिंसा अधिनियम 2026, घरों के भीतर शारीरिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार को अपराधी बनाता है और विवाह के लिए न्यूनतम आयु 18 निर्धारित करता है.
  • रहमान ने दोनों कानूनों को "असंवैधानिक और गैरकानूनी" बताया, यह तर्क देते हुए कि वे इस्लामी सिद्धांतों का खंडन करते हैं और इस्लामी वैचारिक परिषद द्वारा समीक्षा की मांग की.
  • सरकारी सूत्रों ने चरमपंथी बयानबाजी का सामना करने में राज्य की विफलता पर चिंता व्यक्त की, जबकि आलोचक महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर वैचारिक तुष्टिकरण को उजागर करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पाकिस्तान के शीर्ष मौलवी ने नए बाल विवाह और घरेलू हिंसा कानूनों की अवहेलना करने की धमकी दी है.

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