
हाँ, पाकिस्तान की वैश्विक स्थिति कई हालिया घटनाओं से प्रभावित हुई है। यूएनएचआरसी में विरोध प्रदर्शन बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर करते हैं।
पाकिस्तान बाहरी प्रभाव के दावों का जवाब देने के लिए "भारत-विरोधी खाका" को बढ़ावा दे सकता है और अमेरिका-ईरान संघर्ष में मध्यस्थता करने का प्रयास कर सकता है।
तारिक रहमान का 25 मार्च, 1971 की घटनाओं पर दिया गया बयान प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के लिए वैश्विक शर्मिंदगी का कारण बना है।