पाक 'बोर्ड ऑफ पीस' में: आतंकी समर्थक या शांतिदूत? भारत की चिंताएं बढ़ीं.

पाकिस्तान
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News18•25-01-2026, 17:05
पाक 'बोर्ड ऑफ पीस' में: आतंकी समर्थक या शांतिदूत? भारत की चिंताएं बढ़ीं.
- •अमेरिका द्वारा गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान को शामिल करने पर गंभीर सवाल उठे हैं, क्योंकि उस पर दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है.
- •वरिष्ठ पत्रकार दीपिका भान ने भारत के साथ पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के इतिहास पर प्रकाश डाला, जिसमें 26/11 मुंबई हमले और ओसामा बिन लादेन का पाकिस्तान में छिपना शामिल है.
- •पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति, जैसे असंतुष्टों का दमन, चुनाव धांधली और सेना का प्रभुत्व, शांति भूमिका के लिए उसकी लोकतांत्रिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं.
- •विशेषज्ञों का मानना है कि 'बोर्ड ऑफ पीस' एक अमेरिकी-केंद्रित राजनीतिक मंच हो सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को दरकिनार कर सकता है.
- •भारत को आशंका है कि पाकिस्तान इस मंच का उपयोग कश्मीर मुद्दे को फिर से अंतरराष्ट्रीय बनाने के लिए करेगा, जबकि भारत ने लाहौर बस यात्रा जैसी शांति पहल की थी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आतंकवाद से जुड़े इतिहास और आंतरिक मुद्दों को देखते हुए पाक की 'बोर्ड ऑफ पीस' में भूमिका विवादास्पद है.
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