(FILES) A Pakistani Hindu devotee woman and a girl sit while waiting with others for transport before leaving to pay homage at Hinglaj Mata Temple in Balochistan, outside the Shri Ratneshwar Mahadev Temple in Karachi, Pakistan April 28, 2023. REUTERS/Akhtar Soomro
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Moneycontrol29-12-2025, 16:37

पाकिस्तान में हिंदू, बौद्ध स्थल बर्बादी और उपेक्षा का शिकार; 5,000 साल पुरानी विरासत खतरे में.

  • पाकिस्तान में प्राचीन हिंदू और बौद्ध विरासत स्थल बर्बादी, उपेक्षा और अवैध कब्जे के गंभीर खतरों का सामना कर रहे हैं, जिससे अल्पसंख्यक विरासत संरक्षण पर चिंताएं बढ़ रही हैं.
  • पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, चिलास, हुंजा, शतियाल, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मंदिर, पेट्रोग्लिफ और शिलालेख खतरे में हैं.
  • चरमपंथी समूह जानबूझकर हिंदू और बौद्ध छवियों को विकृत कर रहे हैं, जबकि स्थानीय अधिकारियों ने भी प्राचीन नक्काशी को नुकसान पहुंचाया है, जिससे अपरिवर्तनीय क्षति हुई है.
  • चिलास एक प्रमुख चिंता का विषय है, जहां कट्टरपंथी इस्लामी समूहों की उपस्थिति और स्थलों पर अवैध कब्जे के आरोप हैं, जिसमें आधिकारिक हस्तक्षेप की कमी है.
  • कार्यकर्ता पाकिस्तान पर सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए यूनेस्को सहित अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन न करने का आरोप लगाते हैं, जिससे दक्षिण एशिया के साझा इतिहास के स्थायी नुकसान की चेतावनी दी गई है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पाकिस्तान की निष्क्रियता 5,000 साल पुरानी हिंदू, बौद्ध विरासत को स्थायी नुकसान पहुंचा रही है.

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