पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर, 7 अरब डॉलर का IMF लोन भी नहीं बचा पाएगा, महंगाई ने तोड़ी कमर.
पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर, 7 अरब डॉलर का IMF लोन भी नहीं बचा पाएगा, महंगाई ने तोड़ी कमर.
- •पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर है; 7 अरब डॉलर का IMF लोन भी उसे नहीं बचा पाएगा, क्योंकि महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है.
- •IMF लोन ने पाकिस्तान को अस्थायी रूप से बचाया है, लेकिन दिवालिया पाकिस्तान का भविष्य बहुत अंधकारमय है और अर्थव्यवस्था IMF के समर्थन पर निर्भर है.
- •2024 में पाकिस्तान की GDP वृद्धि केवल 2.4 प्रतिशत रही, जबकि 2025 में लगभग 3.5 प्रतिशत अनुमानित है, जो प्रति व्यक्ति आय में मामूली वृद्धि दर्शाती है.
- •पाकिस्तान का IMF के साथ पिछला रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है; 1958 से यह उसका 24वां कार्यक्रम है, जो किसी भी अन्य देश से अधिक है.
- •आगामी चुनावों के कारण सरकार सख्त नीतियों को लागू करने में देरी कर सकती है, जिससे आर्थिक असंतुलन फिर से उभर सकता है.