गाजा 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान का शामिल होना घर में ही पड़ा भारी, घरेलू विरोध तेज
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Moneycontrol22-01-2026, 13:48

गाजा 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान का शामिल होना घर में ही पड़ा भारी, घरेलू विरोध तेज

  • ट्रंप के "बोर्ड ऑफ पीस फॉर गाजा" में पाकिस्तान के जल्दबाजी में शामिल होने के फैसले ने देश में राजनीतिक विरोध को जन्म दिया है.
  • आलोचकों का तर्क है कि यह कदम रणनीतिक विदेश नीति के बजाय वाशिंगटन को खुश करने की राजनयिक हताशा को दर्शाता है, जिससे मुस्लिम दुनिया में पाकिस्तान की स्थिति और फिलिस्तीनी हितों को नुकसान पहुँच रहा है.
  • विपक्षी नेताओं, जिनमें अल्लामा राजा नासिर अब्बास और मुस्तफा नवाज खोखर शामिल हैं, ने बोर्ड को "नव-औपनिवेशिक उद्यम" और संयुक्त राष्ट्र को दरकिनार करने वाली एक समानांतर प्रणाली बताते हुए सरकार पर संप्रभुता छोड़ने का आरोप लगाया.
  • पूर्व राजनयिक मलीहा लोधी और पत्रकार जाहिद हुसैन ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान ट्रंप की एकतरफा कार्रवाइयों और दुस्साहस में शामिल होने का जोखिम उठा रहा है, यह सवाल उठाते हुए कि क्या यह कदम केवल उनकी "अच्छी किताबों" में बने रहने के लिए है.
  • विदेश कार्यालय द्वारा गाजा में युद्धविराम और फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय की तलाश के बचाव के बावजूद, आलोचक बहुपक्षवाद की वकालत करते हुए अमेरिका-केंद्रित निकाय के साथ जुड़ने के विरोधाभास को उजागर करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गाजा 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के पाकिस्तान के फैसले को राजनयिक हताशा के लिए घरेलू स्तर पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

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