पोप लियो XIV ने 'युद्ध के फिर से प्रचलन में आने' की चेतावनी दी, वैश्विक व्यवस्था कमजोर हुई.

दुनिया
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News18•09-01-2026, 21:51
पोप लियो XIV ने 'युद्ध के फिर से प्रचलन में आने' की चेतावनी दी, वैश्विक व्यवस्था कमजोर हुई.
- •पोप लियो XIV ने अपने पहले प्रमुख 'विश्व की स्थिति' संबोधन में चेतावनी दी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सीमा उल्लंघन को रोकने वाले सिद्धांत को 'पूरी तरह से कमजोर' कर दिया गया है.
- •उन्होंने कैरेबियन सागर और अमेरिकी प्रशांत तट पर 'बढ़ते तनाव' का उल्लेख किया, जिसमें वेनेजुएला के लोगों की इच्छा का सम्मान करने और वेनेजुएला में स्थिरता बहाल करने का आग्रह किया गया.
- •पोप की टिप्पणी वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने और यूक्रेन में रूस के चल रहे युद्ध के बाद आई, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना के विपरीत थी.
- •लियो ने कमजोर होते बहुपक्षवाद पर खेद व्यक्त किया, इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून को 'हमेशा युद्धरत पक्षों की महत्वाकांक्षाओं पर हावी होना चाहिए' और कूटनीति की जगह बल के प्रयोग के खिलाफ चेतावनी दी.
- •उन्होंने गर्भपात, सरोगेसी और इच्छामृत्यु की भी निंदा की, विवेकपूर्ण आपत्ति के अधिकार का बचाव किया और पश्चिम में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिकुड़ने के खिलाफ चेतावनी दी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पोप लियो XIV ने युद्ध की वापसी और वैश्विक व्यवस्था के क्षरण की चेतावनी दी, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आग्रह किया.
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