रूसी राष्‍ट्रपत‍ि व्‍लाद‍िमीर पुत‍िन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
यूरोप
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News1808-02-2026, 20:43

रूस का 'रिटर्न गिफ्ट': श्रम संकट के बीच हजारों भारतीय करेंगे जमकर कमाई.

  • रूस दशकों के सबसे बड़े श्रम संकट का सामना कर रहा है, उसे दशक के अंत तक 1.1 करोड़ श्रमिकों की आवश्यकता है, जिसके लिए वह भारत की ओर देख रहा है.
  • राष्ट्रपति पुतिन की दिसंबर यात्रा के दौरान हुए समझौते से भारतीयों के लिए अस्थायी श्रम प्रवासन की प्रक्रिया सरल हुई है.
  • रूस में भारतीय कार्य परमिट 2021 में 5,000 से बढ़कर पिछले साल 56,000 से अधिक हो गए, नगरपालिका, निर्माण और तकनीकी नौकरियों में मांग बढ़ी है.
  • अनुबंध और वीजा पालन के कारण भारतीय श्रमिकों को मध्य एशियाई लोगों पर प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे काम की निरंतरता सुनिश्चित होती है.
  • भारत में प्रशिक्षण केंद्र, जैसे चेन्नई में, वेल्डर तैयार कर रहे हैं, और भाषा बाधा को दूर करने के लिए रूसी भाषा के क्रैश कोर्स भी चलाए जा रहे हैं.

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