ट्रंप की 'डोनरो डॉक्ट्रिन' ने लैटिन अमेरिका में चीन को दी चुनौती.

दुनिया
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Moneycontrol•08-01-2026, 07:44
ट्रंप की 'डोनरो डॉक्ट्रिन' ने लैटिन अमेरिका में चीन को दी चुनौती.
- •ट्रंप की 'डोनरो डॉक्ट्रिन' पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभुत्व पर जोर देती है, जिसका लक्ष्य चीन जैसी प्रतिद्वंद्वी शक्तियों को बाहर करना है.
- •अमेरिका लैटिन अमेरिका में चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को खतरा मानता है, जिसमें $518 बिलियन का व्यापार और $180 बिलियन का निवेश शामिल है.
- •ब्राजील और मैक्सिको सहित लैटिन अमेरिकी देश अमेरिकी धमकियों को खारिज करते हुए विविध व्यापारिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
- •चीन ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों से लेकर पेरू के चांकाय बंदरगाह जैसे बुनियादी ढांचे तक, क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण निवेशों की रक्षा करने की कसम खाई है.
- •वेनेजुएला पर अमेरिकी छापे और मादुरो की गिरफ्तारी अमेरिकी-चीन प्रतिद्वंद्विता में एक नया मोर्चा खोलती है, जिससे क्षेत्रीय अराजकता की संभावना है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ट्रंप की 'डोनरो डॉक्ट्रिन' लैटिन अमेरिका में अमेरिकी-चीन प्रतिद्वंद्विता बढ़ाती है, क्षेत्रीय प्रतिरोध का सामना कर रही है.
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