सऊदी-पाकिस्तान के 'इस्लामिक नाटो' में तुर्की की एंट्री तय, बदलेगा क्षेत्रीय शक्ति संतुलन.

पाकिस्तान
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News18•10-01-2026, 06:14
सऊदी-पाकिस्तान के 'इस्लामिक नाटो' में तुर्की की एंट्री तय, बदलेगा क्षेत्रीय शक्ति संतुलन.
- •तुर्की सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच बने रक्षा गठबंधन में शामिल होने की तैयारी में है, जिससे एक त्रिपक्षीय सैन्य समझौता बनेगा.
- •यह गठबंधन, जिसे 'इस्लामिक नाटो' कहा जा रहा है, का उद्देश्य मध्य पूर्व में इजरायल का मुकाबला करना और क्षेत्रीय शक्ति गतिशीलता को बदलना है.
- •सऊदी अरब आर्थिक संसाधन लाएगा, पाकिस्तान परमाणु और सैन्य शक्ति प्रदान करेगा, और तुर्की युद्ध अनुभव तथा उन्नत रक्षा उद्योग का योगदान देगा.
- •विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम अमेरिकी नीतियों में अनिश्चितता और वैकल्पिक सुरक्षा ढांचे की इच्छा से प्रेरित है.
- •यह गठबंधन मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और अफ्रीका में भू-राजनीतिक समीकरणों को नया आकार दे सकता है, तुर्की और पाकिस्तान के बीच पहले से ही गहरे सैन्य संबंध हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तुर्की का सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते में शामिल होना मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में एक बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव है.
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