The wave of strikes launched by the United States against Iran may spark retaliatory attacks on the tens of thousands of American troops deployed across the Middle East.
M
Moneycontrol28-02-2026, 09:46

अमेरिका-इजरायल के हमलों से ईरान का पलटवार: मिसाइलों की पहुंच और अमेरिकी ठिकाने खतरे में.

  • अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर समन्वित हमले किए, जिसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए.
  • ईरान का मिसाइल शस्त्रागार, जिसमें खोर्रमशहर और सेज्जिल (2,000 किमी रेंज) शामिल हैं, मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है, जैसा कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के पास हुए हमले से पता चला है.
  • अल उदीद (कतर), नौसेना सहायता गतिविधि (बहरीन), कैंप आरिफजान (कुवैत) और अल धाफरा (यूएई) जैसे प्रमुख अमेरिकी ठिकाने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों की सीमा में हैं.
  • मध्य पूर्व में CENTCOM के तहत हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिससे कई प्रतिष्ठान ईरान की छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के प्रति संवेदनशील हैं.
  • यह संघर्ष एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव में बदलने का जोखिम रखता है, जिसमें तेहरान कई मोर्चों पर अमेरिकी सेना के खिलाफ सीधे खड़ा होगा, और ईरान की बैलिस्टिक क्षमताएं संघर्ष की दिशा तय करेंगी.

More like this

Loading more articles...