लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप: तख्तापलट, संघर्ष और सत्तावादी समर्थन का इतिहास.

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Moneycontrol•03-01-2026, 20:21
लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप: तख्तापलट, संघर्ष और सत्तावादी समर्थन का इतिहास.
- •अमेरिका का लैटिन अमेरिका में सैन्य हस्तक्षेपों और सत्तावादी शासनों का समर्थन करने का एक लंबा इतिहास रहा है, ग्वाटेमाला से वेनेजुएला तक.
- •प्रमुख हस्तक्षेपों में 1954 का CIA समर्थित ग्वाटेमाला तख्तापलट, 1961 का क्यूबा में बे ऑफ पिग्स आक्रमण, और 1965 का डोमिनिकन गणराज्य हस्तक्षेप शामिल हैं.
- •वाशिंगटन ने 1970 के दशक में चिली में ऑगस्टो पिनोशे और अर्जेंटीना के जुंटा सहित विभिन्न सैन्य तानाशाही का समर्थन किया, अक्सर साम्यवाद से लड़ने के नाम पर.
- •1980 के दशक में मध्य अमेरिकी युद्धों (निकारागुआ, अल सल्वाडोर) में अमेरिकी भागीदारी और ग्रेनाडा (1983) और पनामा (1989) में हस्तक्षेप देखा गया.
- •ये हस्तक्षेप, अक्सर साम्यवाद-विरोधी या अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए किए गए, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर भारी मानवीय क्षति और राजनीतिक अस्थिरता हुई.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमेरिका का लैटिन अमेरिका में सैन्य और राजनीतिक हस्तक्षेपों का एक दस्तावेजित इतिहास है, जिसके अक्सर गंभीर परिणाम हुए हैं.
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