
अमेरिका-ईरान गतिरोध के दीर्घकालिक प्रभावों में होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे तेल मार्गों पर लगातार दबाव शामिल है, जिससे ऊर्जा की कीमतें लगातार ऊंची बनी रह सकती हैं।
मध्य पूर्व में एक संघर्ष, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा, वैश्विक तेल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि का कारण बन सकता है, जिसमें ब्रेंट क्रूड संभावित रूप से $150-$200 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
हाँ, चीन पाकिस्तान-अफगानिस्तान वार्ता में मध्यस्थता कर रहा है और ईरान में युद्धविराम के लिए जोर दे रहा है। इज़राइल ने ईरान युद्ध के लिए भारत को संभावित मध्यस्थ के रूप में प्रस्तावित किया है।