कोल्ड वॉर में न्यूक्लियर बम ले जा रहा USAF का B-52 बॉम्बर मैरीलैंड में क्रैश

अमेरिका
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News18•14-01-2026, 14:54
कोल्ड वॉर में न्यूक्लियर बम ले जा रहा USAF का B-52 बॉम्बर मैरीलैंड में क्रैश
- •13 जनवरी, 1965 को कोल्ड वॉर के 'क्रोम डोम' मिशन के तहत उड़ान भर रहा USAF का B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस बॉम्बर पश्चिमी मैरीलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
- •'बज़ वन फोर' कॉल साइन वाला यह विमान दो B-53 परमाणु बम ले जा रहा था, जिनकी क्षमता 24 मेगाटन थी, जो हजारों हिरोशिमा जैसे शहरों को तबाह कर सकती थी.
- •अत्यधिक अशांति के कारण विमान का ढांचागत फेलियर हुआ, जिससे वर्टिकल स्टेबलाइजर टूट गया और 29,500 फीट की ऊंचाई पर विमान अनियंत्रित हो गया.
- •पायलट मेजर थॉमस डब्ल्यू. मैककॉर्मिक और सह-पायलट कैप्टन पार्कर सी. पेडेन इजेक्ट करने में सफल रहे और बच गए, हालांकि पेडेन ने बर्फीले जंगल में 36 घंटे बिताए.
- •मेजर रॉबर्ट टाउनली, मेजर रॉबर्ट ली पेन और टेक्निकल सार्जेंट मेल्विन ई. वूटन सहित तीन चालक दल के सदस्य दुर्घटना में या हाइपोथर्मिया से मारे गए; परमाणु बम निहत्थे और बरकरार बरामद किए गए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कोल्ड वॉर के दौरान परमाणु बम ले जा रहा USAF का B-52 बॉम्बर मैरीलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, तीन क्रू सदस्य मारे गए.
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