Agencies can chase volume, optimise for speed and compete with machines or they can reclaim what machines cannot replace: judgment, cultural intelligence and the courage to say no. (Image source: AI)
एजेंसी समाचार
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Storyboard31-12-2025, 09:01

विज्ञापन एजेंसियां पहचान संकट में: AI, इन-हाउसिंग से घट रहा भरोसा.

  • विज्ञापन एजेंसियां पहचान संकट का सामना कर रही हैं क्योंकि ब्रांड इन-हाउस टीमें बना रहे हैं और AI/SaaS प्लेटफॉर्म निष्पादन संभाल रहे हैं.
  • सौमित्र कर्णिक और मेहुल गुप्ता जैसे विशेषज्ञ एजेंसियों को केवल निष्पादन भागीदार बनने के खिलाफ चेतावनी देते हैं, मानवीय निर्णय और रणनीति के अमूल्य महत्व पर जोर देते हैं.
  • उद्योग की हर प्रवृत्ति का पीछा करने की होड़ ने "फैक्ट्री जैसी सोच" को जन्म दिया है, जो सार्थक रचनात्मक आउटपुट पर गति और पैमाने को प्राथमिकता देती है.
  • अत्यधिक लागत, अस्पष्ट मूल्य और लेन-देन संबंधी, आउटपुट-आधारित संबंधों की ओर बदलाव के कारण ग्राहकों और एजेंसियों के बीच विश्वास कम हो रहा है.
  • भविष्य एजेंसियों के लिए रणनीतिक "विशेषज्ञ मस्तिष्क" के रूप में अपनी भूमिका को पुनः प्राप्त करने, निर्णय, सांस्कृतिक बुद्धिमत्ता और कम, बेहतर निर्णय लेने पर ध्यान केंद्रित करने में निहित है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एजेंसियों को विश्वास बहाल करने और तकनीकी बदलावों के बीच पनपने के लिए अपने रणनीतिक मूल और मानवीय निर्णय को पुनः प्राप्त करना होगा.

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