Agency leaders increasingly describe this erosion of judgement as the real risk: when speed replaces thinking, and coherence replaces courage. (Image Source: Unsplash)
एजेंसी समाचार
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Storyboard12-01-2026, 08:05

एजेंसियों में AI की समस्या: मौलिकता फिर से एक प्रीमियम कौशल बन रही है.

  • जेनरेटिव AI 2023 के अंत से तेजी से बढ़ा है और अब भारतीय एजेंसियों में कॉपी ड्राफ्टिंग, संस्कृति स्कैनिंग और रणनीति पुनर्गठन जैसे कार्यों में शामिल है.
  • AI अब रचनात्मक, मार्केटिंग और पीआर फर्मों में एक मुख्य उपकरण बन गया है, जो रोजमर्रा के वर्कफ़्लो में एकीकृत है.
  • मशीन-जनित सामग्री की बाढ़ के कारण एक नई समस्या उभर रही है: व्यक्तित्व की कमी, जिससे AI-लिखित सामग्री एक जैसी लगने लगी है.
  • विशेषज्ञों का मानना है कि AI-जनित कार्य में सटीकता की कमी नहीं, बल्कि विशिष्टता की कमी है, क्योंकि यह विनम्रता और सहमति की ओर झुकता है, जो मजबूत संचार के लिए घातक है.
  • AI उत्पादन को सस्ता बनाता है, लेकिन मानव रचनात्मकता, निर्णय और भावनात्मक बुद्धिमत्ता को अधिक मूल्यवान बना रहा है, क्योंकि मौलिकता और दृष्टिकोण को स्वचालित नहीं किया जा सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: AI के कारण सामग्री में एकरूपता आ रही है, जिससे एजेंसियों में मानव मौलिकता और भावनात्मक गहराई का महत्व बढ़ रहा है.

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