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News1831-01-2026, 11:00

अरुणाचल के सीएम ने जलविद्युत परियोजनाओं की समीक्षा की: विकास और स्थानीय कल्याण का संतुलन

  • अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने दिबांग घाटी जिले में प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें समय पर निष्पादन, स्थानीय कल्याण और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया गया.
  • समीक्षा की गई परियोजनाओं में 3,097 मेगावाट की एटलिन एचईपी और 680 मेगावाट की अट्टुनली एचईपी शामिल हैं, साथ ही सर्वेक्षण के तहत एमिनी (500 मेगावाट), अमुलिन (420 मेगावाट) और मिहुमडॉन (400 मेगावाट) जैसी परियोजनाएं भी हैं, जिनकी कुल क्षमता 5,097 मेगावाट है.
  • भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना, दिबांग नदी पर एटलिन एचईपी, जल्द ही शुरू होने वाली है. इसे एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य बुनियादी ढांचे का विकास, रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बढ़ाना है.
  • उपमुख्यमंत्री चाउना मीन ने एटलिन एचईपी की पुनर्वैध तकनीकी-आर्थिक मंजूरी (30,037.36 करोड़ रुपये) और पर्यावरण व स्टेज-I वन मंजूरी पर हुई प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें 69% भूमि मुआवजा वितरित किया जा चुका है.
  • अट्टुनली एचईपी, एक रन-ऑफ-द-रिवर योजना है जिसमें चार 170 मेगावाट की इकाइयाँ हैं, जो नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देगी. इसमें दक्षता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए एक भूमिगत पावरहाउस और उन्नत सुरंग प्रणालियाँ शामिल हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अरुणाचल प्रदेश ऊर्जा सुरक्षा, स्थानीय कल्याण और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए जलविद्युत परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है.

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