
चीन का नया जातीय कानून विदेशों में तिब्बती समुदायों पर निगरानी बढ़ा सकता है। इसका क्षेत्रातीत प्रभाव भी हो सकता है, जिससे प्रवासी तिब्बती प्रभावित होंगे।
सांस्कृतिक आत्मसात्करण के प्रयास, जिनमें तिब्बती भाषा और धार्मिक प्रथाओं पर अंकुश शामिल हैं, तिब्बती पहचान के लिए खतरा पैदा करते हैं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि क्या यह कानून चीन में अन्य जातीय अल्पसंख्यकों के लिए एक मिसाल कायम करता है।