
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सूत्रों में यह विस्तार से नहीं बताया गया है कि चीन चेक गणराज्य के प्रस्ताव के खिलाफ कैसे जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, धार्मिक उत्तराधिकार में अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप के लिए कोई ऐतिहासिक मिसाल उल्लेखित नहीं है।
उपलब्ध कराए गए स्रोतों में सीधे तौर पर यह नहीं बताया गया है कि क्या प्रस्ताव अन्य देशों को तिब्बती स्वायत्तता का समर्थन करने के लिए प्रभावित करेगा।