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News1828-01-2026, 18:30

साइबर बीमा: बढ़ते साइबर अपराध के बीच डिजिटल भारतीयों के लिए आवश्यक सुरक्षा कवच

  • भारत का डिजिटल इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है, दिसंबर 2025 में 27.97 ट्रिलियन रुपये के 21.63 बिलियन लेनदेन हुए, जो डिजिटल अपनाने में वृद्धि को दर्शाता है.
  • भारत में साइबर धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान में साल-दर-साल 206% की वृद्धि हुई, जो 2023 में 7,465.18 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 22,845.73 करोड़ रुपये हो गया, जो सुरक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता को उजागर करता है.
  • साइबर बीमा पहचान की चोरी, अनधिकृत वित्तीय पहुंच के खिलाफ व्यापक सुरक्षा प्रदान करता है, और साइबर अपराधियों पर मुकदमा चलाने के लिए कानूनी लागतों को भी कवर करता है.
  • एसबीआई जनरल के साइबर वॉल्टएज जैसी पॉलिसियां ​​आईटी विशेषज्ञों, डेटा बहाली, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पहचान की चोरी के कारण खोई हुई मजदूरी के लिए मुआवजे का समर्थन प्रदान करती हैं.
  • परिवार कवरेज विस्तार यह सुनिश्चित करता है कि पति-पत्नी और आश्रित बच्चे भी सुरक्षित रहें, जो साइबर खतरों के खिलाफ पूरे परिवार के लिए एक मजबूत सुरक्षा जाल प्रदान करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: साइबर बीमा डिजिटल भारतीयों के लिए बढ़ते साइबर अपराध से बचाव और वित्तीय व मानसिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है.

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