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News1831-01-2026, 15:30

हामिद अंसारी: चुनावी कदाचार जारी, धन-बल परिणामों को विकृत करता है

  • पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कहना है कि भारत चुनावी कदाचार को खत्म करने में विफल रहा है, धन-बल परिणामों को विकृत कर रहा है.
  • अपनी नई किताब "आर्ग्यूएबली कंटेन्शियस" में अंसारी तर्क देते हैं कि भारत का लोकतंत्र "आधा भरा" है और पूरी तरह से प्रतिनिधि नहीं है.
  • वह राजनीतिक प्रक्रिया में "वैचारिक पतन" और संवैधानिक नैतिकता के घटते पालन पर प्रकाश डालते हैं.
  • अंसारी ने बहुसंख्यकवाद और इतिहास के हथियारकरण को सामाजिक दरारें बढ़ाने वाला बताया, विशेष रूप से धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने वाला.
  • वह संसद की जांच और जवाबदेही में घटती प्रभावशीलता की आलोचना करते हैं, जिससे बहस और असहमति में कमी आई है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हामिद अंसारी ने भारत की चुनावी प्रणाली और लोकतांत्रिक स्वास्थ्य की आलोचना की, जिसमें लगातार कदाचार और वैचारिक गिरावट का हवाला दिया गया है.

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