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News1809-02-2026, 15:00

खुले तालाब में बच्चों के डूबने पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भिवानी प्रशासन को फटकारा.

  • हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भिवानी के सुमर खेड़ा गांव में खुले, स्थिर तालाब में तीन नाबालिगों के डूबने के बाद कार्यवाही शुरू की.
  • आयोग ने इस जगह को "मानवीय गरिमा पर सीधा हमला" बताया और डूबने की घटनाओं को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम माना.
  • घनी आबादी वाले क्षेत्र में वर्षों से तालाब बिना बाड़, चेतावनी संकेत या चारदीवारी के मौजूद था, बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.
  • न्यायिक सदस्य कुलदीप जैन ने कहा कि ये स्थितियां संविधान के अनुच्छेद 21 (सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण वातावरण में रहने का अधिकार) और अनुच्छेद 39(ई), 39(एफ) (बच्चों की सुरक्षा) का उल्लंघन हैं.
  • भिवानी के उपायुक्त को तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, जांच करने, जिम्मेदारी तय करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया; ग्राम पंचायत को तालाब को सुरक्षित करने का निर्देश.

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