
केरल उच्च न्यायालय ने लोकायुक्त अधिनियम में संशोधनों को बरकरार रखा, यह कहते हुए कि वे निकाय की शक्तियों को कमजोर नहीं करते हैं।
उपलब्ध स्रोतों में इस बात की जानकारी नहीं है कि लोक आयुक्त अधिनियम पर केरल उच्च न्यायालय का फैसला अन्य राज्य लोक आयुक्त कानूनों को प्रभावित करेगा या नहीं।
यदि लोकायुक्त की रिपोर्ट और सिफारिशें प्राप्ति के 90 दिनों के भीतर अस्वीकृत नहीं की जाती हैं, तो उन्हें स्वीकृत माना जाता है।