
समीर वानखेड़े ने प्रक्रियात्मक अनियमितताओं को उजागर किया, जिसमें आरोपपत्र देर से जारी किया जाना और जवाब देने के पर्याप्त अवसर के बिना एक जांच अधिकारी की नियुक्ति शामिल है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुमति दी।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग बस्ट मामले के संबंध में "जापान बाबू" का कोई उल्लेख नहीं है।