विशाल भारद्वाज: सिनेमाघरों में 'दिल और संवेदनशीलता' वाली फिल्में हार रही हैं.
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विशाल भारद्वाज: 'अच्छे सिनेमा' को थिएटर और OTT में संघर्ष करना पड़ रहा है.
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News18•11-03-2026, 18:15
विशाल भारद्वाज: 'अच्छे सिनेमा' को थिएटर और OTT में संघर्ष करना पड़ रहा है.
•विशाल भारद्वाज के अनुसार, 'अच्छे सिनेमा' या 'सिनेमा ऑफ हार्ट एंड सेंसिबिलिटी' को थिएटर और OTT दोनों जगह संघर्ष करना पड़ रहा है.
•फिल्म निर्माताओं को OTT प्लेटफॉर्म्स (जो पहले थिएटर रिलीज चाहते हैं) और थिएटर (जहां गैर-ब्लॉकबस्टर फिल्मों को मुश्किल होती है) के बीच दुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
•'हैदर', 'उड़ान' और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसी फिल्मों के लिए अब फंड जुटाना मुश्किल है, जबकि 2004-2005 का दौर 'स्वर्णिम काल' था.
•अनुराग कश्यप, दिबाकर बनर्जी और विक्रमादित्य मोटवाने जैसे कई प्रशंसित निर्देशक अब मुख्य रूप से OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए काम कर रहे हैं.
•उच्च टिकट कीमतें, थिएटर और OTT रिलीज के बीच कम हुआ अंतर (8 सप्ताह), और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर वैश्विक सामग्री की प्रचुरता इस गिरावट में योगदान कर रही है.