Taapsee Pannu Questions The Future Of Rooted Hindi Cinema.
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News1816-02-2026, 08:20

तापसी पन्नू का आह्वान: 'जड़ से जुड़ी' फिल्मों का समर्थन करें, बाद में विश्व सिनेमा से प्रतिस्पर्धा पर 'शिकायत' न करें.

  • तापसी पन्नू का कहना है कि उनकी आने वाली फिल्म 'अस्सी' जैसी महिला-प्रधान और मुद्दे-आधारित फिल्में सिनेमाघरों में जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रही हैं.
  • उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ऐसी फिल्में 'विलुप्त प्रजाति' बनने की कगार पर हैं क्योंकि वे पारंपरिक व्यावसायिक सिनेमा के खाके में फिट नहीं बैठतीं.
  • पन्नू ने इस धारणा को चुनौती दी कि ओटीटी प्लेटफॉर्म एक सुरक्षा जाल हैं, यह समझाते हुए कि स्ट्रीमर्स अब उन फिल्मों को प्राथमिकता देते हैं जो बड़े दर्शकों को आकर्षित करने के लिए सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन करती हैं.
  • उन्होंने व्यावसायिक सिनेमा की तुलना 'मुगलई' और जमीनी कहानियों की तुलना 'दाल चावल' से की, दोनों की आवश्यकता पर जोर दिया और ओटीटी रिलीज का इंतजार करना ऐसी फिल्मों के लिए 'आत्मघाती' बताया.
  • अभिनेत्री ने दर्शकों से सिनेमाघरों में जाकर विविध सिनेमा का समर्थन करने का आग्रह किया, चेतावनी दी कि अन्यथा, भारत को विश्व सिनेमा के साथ प्रतिस्पर्धा न कर पाने की शिकायत करने का अधिकार नहीं होगा.

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