शब्दोत्सव: छोटे मंच से राष्ट्रीय विचारधारा के सशक्त आंदोलन तक का सफर.

दिल्ली
N
News18•05-01-2026, 20:50
शब्दोत्सव: छोटे मंच से राष्ट्रीय विचारधारा के सशक्त आंदोलन तक का सफर.
- •राष्ट्रीय विचारधारा को मजबूत करने वाला शब्दोत्सव दिल्ली पुस्तक मेले के एक छोटे मंच से शुरू होकर 2026 में एक भव्य आयोजन बन गया.
- •दिल्ली सरकार और सुरुचि प्रकाशन द्वारा आयोजित 2026 के कार्यक्रम का विषय 'भारत अभ्युदय' था, जो मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में हुआ.
- •मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कपिल मिश्रा, सुनील आंबेकर और पुष्कर सिंह धामी जैसे वक्ताओं ने राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और संविधान के भारतीयकरण पर चर्चा की.
- •सांस्कृतिक प्रदर्शनों और ओपन माइक के माध्यम से युवाओं को जोड़ा गया, जो विभाजनकारी विचारों के बजाय सकारात्मक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देता है.
- •इसने औपनिवेशिक इतिहासलेखन को चुनौती दी, सनातन विरासत को पुनः स्थापित किया, और मुख्यधारा के साहित्यिक उत्सवों का एक मजबूत विकल्प बन गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शब्दोत्सव राष्ट्रीय विचारधारा को मुख्यधारा में लाने और युवाओं को जोड़ने वाला एक शक्तिशाली आंदोलन बन गया है.
✦
More like this
Loading more articles...





