यूनियन बजट भारत के सबसे गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेज़ों में से एक माना जाता है. इसमें देश की आमदनी, खर्च, टैक्स और आर्थिक दिशा का पूरा खाका होता है. आमतौर पर बजट पेश होने से पहले इसकी एक लाइन भी बाहर आ जाए, तो बड़ा बवाल मच सकता है. लेकिन इतिहास में दो बार ऐसा हुआ जब बजट संसद में पेश होने से पहले ही लीक हो गया.  ये घटनाएं आज भी चौंकाती हैं.
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CNBC Awaaz23-01-2026, 12:54

बजट 2026: स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी की उम्मीद, नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को मिलेगी राहत

  • बजट 2026 में नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है, न्यू टैक्स रिजीम में इसे ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1-1.25 लाख तक किया जा सकता है.
  • वर्तमान में, ओल्ड रिजीम में ₹50,000 और न्यू रिजीम में ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन उपलब्ध है, जिसमें न्यू रिजीम में अन्य कटौतियां सीमित हैं.
  • बढ़ती महंगाई, कमजोर खपत और मध्यम वर्ग की लगातार कर राहत की मांग के कारण यह बढ़ोतरी अपेक्षित है, ब्रोकरेज हाउस जैसे मोतीलाल ओसवाल और अपस्टॉक्स भी ऐसी ही उम्मीद जता रहे हैं.
  • धारा 87A के तहत छूट को ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹12 लाख तक किया जा सकता है, जिससे न्यू रिजीम में ₹12 लाख तक की आय कर-मुक्त हो जाएगी और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी.
  • पेंशनभोगियों को भी बढ़े हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन से सीधा लाभ मिल सकता है, जिससे उनकी कर योग्य पेंशन आय कम होगी और कर का बोझ घटेगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 में स्टैंडर्ड डिडक्शन और धारा 87A छूट में वृद्धि से नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को बड़ी कर राहत मिलने की संभावना है.

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