All forecasters agreed that India would be the main source of global demand growth, with its energy needs rising faster than China and Southeast Asia combined.
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News1820-12-2025, 12:53

तेल की वापसी: भारत वैश्विक मांग का केंद्र, ऊर्जा संक्रमण के बीच भू-राजनीतिक बदलाव.

  • ऊर्जा संक्रमण की चर्चा के बावजूद तेल की मांग में वैश्विक वृद्धि हुई है, जिसमें भारत मुख्य चालक बन गया है और 'पीक ऑयल' का अनुमान 2030 के दशक तक बढ़ गया है.
  • नीतिगत देरी, बुनियादी ढांचे की चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनाव (रूस-यूक्रेन संघर्ष) जैसे कारकों ने तेल की वापसी को बढ़ावा दिया.
  • भारत के तेल और गैस क्षेत्र में आयात गतिशीलता, नीतिगत सुधार (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, 2025) और बढ़ती मांग देखी गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा में इसका प्रभाव मजबूत हुआ.
  • अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत रूसी कच्चे तेल पर काफी निर्भर रहा, बाद में अमेरिकी आयात और LNG/LPG व्यापार के साथ आपूर्ति में विविधता लाई.
  • 2025 में तेल की कीमतों में असामान्य स्थिरता (ब्रेंट $60-70) देखी गई, जिसका श्रेय विविध आपूर्ति, OPEC+ के अनुशासित उत्पादन और चीन/यूरोप में कम मांग को जाता है, जिससे भारत को राहत मिली.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तेल की जोरदार वापसी हुई है, भारत भू-राजनीतिक बदलावों और स्थिर कीमतों के बीच वैश्विक मांग बढ़ा रहा है.

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