रुपये का मूल्यांकन भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को नहीं दर्शाता: आर्थिक सर्वेक्षण

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News18•29-01-2026, 12:43
रुपये का मूल्यांकन भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को नहीं दर्शाता: आर्थिक सर्वेक्षण
- •आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की हालिया कमजोरी भारत के मजबूत आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों को नहीं दर्शाती है.
- •सर्वेक्षण में रुपये के 2025 में कमजोर प्रदर्शन का कारण बाहरी प्रवाह और वैश्विक अनिश्चितता को बताया गया है, न कि भारत के मैक्रोइकॉनॉमिक स्वास्थ्य में गिरावट को.
- •भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2027 में 7.2% बढ़ने का अनुमान है, जो नियंत्रित मुद्रास्फीति, स्वस्थ बैंकों और मजबूत कॉर्पोरेट बैलेंस शीट द्वारा समर्थित है.
- •वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में भुगतान संतुलन घाटा और अमेरिकी व्यापार समझौते पर बाजार की अनिश्चितता ने रुपये के मूल्यह्रास में योगदान दिया.
- •एक कम मूल्यांकित रुपया अमेरिकी शुल्कों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक रणनीतिक तकिया प्रदान करता है, लेकिन निवेशकों में झिझक पैदा कर सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आर्थिक सर्वेक्षण का कहना है कि रुपया कम मूल्यांकित है, भारत के मजबूत आर्थिक बुनियादी सिद्धांत बाहरी दबावों से छिपे हुए हैं.
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