केरल HC: विवाहित बेटे को मां का भरण-पोषण करना होगा, ₹5,000 का रखरखाव बरकरार.

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News18•18-12-2025, 16:13
केरल HC: विवाहित बेटे को मां का भरण-पोषण करना होगा, ₹5,000 का रखरखाव बरकरार.
- •केरल उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि विवाहित बेटों को अपनी वृद्ध माताओं का भरण-पोषण करना होगा, भले ही उनका अपना परिवार हो या मां के पति जीवित हों.
- •अदालत ने 60 वर्षीय मां को बेटे द्वारा ₹5,000 मासिक भरण-पोषण का भुगतान करने के फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा.
- •बेटे के उन दावों को खारिज कर दिया गया कि मां पशुपालन से कमाती है या पिता उसका भरण-पोषण करते हैं, इसे "नैतिक विफलता" बताया.
- •उच्च न्यायालय ने जोर दिया कि विवाह बेटे को माता-पिता का भरण-पोषण करने के कानूनी और नैतिक कर्तव्य से मुक्त नहीं करता है.
- •कानूनी विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि CrPC की धारा 125 (अब BNSS की धारा 144) एक सामाजिक कल्याण प्रावधान है, जो इसे कानूनी कर्तव्य बनाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: केरल HC ने मां का भरण-पोषण करने के बेटे के कानूनी कर्तव्य की पुष्टि की, विवाह जैसे बहाने खारिज किए.
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