Nithin Kamath explains the implications of RBI’s new lending rules for brokers and proprietary trading desks.
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News1817-02-2026, 14:31

RBI के नए नियम ब्रोकर मॉडल को बदलेंगे, बोले Zerodha के नितिन कामथ.

  • Zerodha के सह-संस्थापक नितिन कामथ के अनुसार, RBI के नए उधार नियम बैंकों द्वारा ब्रोकर गतिविधियों के वित्तपोषण के तरीके को महत्वपूर्ण रूप से बदल देंगे.
  • बैंक-वित्तपोषित प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग प्रभावी रूप से बंद हो गई है, जिससे ब्रोकरों और प्रॉप डेस्क के लिए एक सामान्य फंडिंग चैनल बंद हो गया है.
  • प्रोफेशनल क्लियरिंग मेंबर्स (PCMs) के लिए अब सख्त संपार्श्विक मानदंड हैं, बैंक गारंटी के लिए 25% से बढ़कर 50% संपार्श्विक की आवश्यकता होगी.
  • इंट्राडे और मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) फंडिंग नियमों को कड़ा किया गया है, इंट्राडे के लिए 100% संपार्श्विक और MTF के लिए 100% समर्थन की आवश्यकता होगी.
  • ये बदलाव, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे, ब्रोकरेज के लिए फंडिंग लागत बढ़ा सकते हैं, जिसका ग्राहकों पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है.

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