मरठाहल्ली: बेंगलुरु के आईटी हब के पीछे छिपा मराठा इतिहास उजागर

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News18•28-01-2026, 16:38
मरठाहल्ली: बेंगलुरु के आईटी हब के पीछे छिपा मराठा इतिहास उजागर
- •बेंगलुरु का एक प्रमुख इलाका मरठाहल्ली कभी 'मराठारा हल्ली' या 'मराठों का गाँव' नामक एक छोटा सा गाँव था.
- •यह नाम 17वीं और 18वीं शताब्दी के दौरान मराठा सेनाओं के इस क्षेत्र में डेरा डालने से उत्पन्न हुआ, जो बेंगलुरु को तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित था.
- •इन अस्थायी शिविरों के आसपास सहायक बस्तियाँ विकसित हुईं, जो अंततः मराठा उपस्थिति से पहचाने जाने वाले स्थायी गाँव बन गए.
- •आईटी बूम ने भले ही ऐतिहासिक निशानों को मिटा दिया हो, लेकिन मरठाहल्ली नाम सदियों की स्मृति को संरक्षित करते हुए कायम रहा.
- •ऐतिहासिक नामों का मूल संदर्भों से अधिक समय तक बने रहने का यह पैटर्न बेंगलुरु भर में आम है, जैसा कि येलहंका, उलसूर और शिवाजीनगर जैसे स्थानों में देखा जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मरठाहल्ली का नाम एक मराठा गाँव के रूप में उसके अतीत को दर्शाता है, जो आधुनिक बेंगलुरु के नीचे छिपा एक इतिहास है.
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