পঞ্চেশ্বর শিব মন্দির 
जीवनशैली
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News1806-02-2026, 17:48

450 साल पुराने पंचेठगढ़ महल के सामने छिपा इतिहास: पंचेश्वर शिव मंदिर की अनसुनी कहानी.

  • पुरबा मेदिनीपुर के पंचेठगढ़ महल के सामने स्थित 450 साल पुराने पंचेश्वर शिव मंदिर के छिपे इतिहास को जानें.
  • मंदिर की उत्पत्ति 1769 में सम्राट अकबर के कर्मचारी कलुमुरी मोहन दास महापात्र से हुई, जिन्होंने पाटाशपुर परगना में अपनी जमींदारी स्थापित की थी.
  • कलुमुरी ने जंगल में एक शिवलिंग की खोज के बाद मंदिर का निर्माण किया, बाद में बनारस से चार और शिवलिंग लाए, जिससे इसे पंचेश्वर नाम मिला.
  • दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में निर्मित पश्चिममुखी पंचेश्वर शिव मंदिर 17वीं शताब्दी का माना जाता है.
  • इसमें एक केंद्रीय पंचेश्वर महादेव है जिसके चार कोनों में शिवलिंग (पशुपति, नीलकंठ, चंद्रशेखर, गंगाधर) हैं और यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत स्थल बना हुआ है.

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