The tradition of Sufi Vasant is not linked to the worship of Goddess Saraswati but is instead a tribute to the deep bond between a guru and his disciple. (News18)
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News1823-01-2026, 14:16

सूफी वसंत: निजामुद्दीन दरगाह में हर साल वसंत पंचमी पर क्यों चढ़ाए जाते हैं पीले चादर?

  • वसंत पंचमी, जो पारंपरिक रूप से देवी सरस्वती को समर्पित है, हजरत निजामुद्दीन दरगाह में भी पीले चढ़ावे के साथ मनाई जाती है.
  • सूफी वसंत के नाम से जानी जाने वाली यह परंपरा लगभग 800 वर्षों से चली आ रही है और गुरु-शिष्य के बंधन का प्रतीक है.
  • इसकी उत्पत्ति अमीर खुसरो से हुई है, जिन्होंने अपने दुखी गुरु हजरत निजामुद्दीन औलिया को खुश करने के लिए पीले कपड़े पहने और सरसों के फूल चढ़ाए थे.
  • अमीर खुसरो वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती को पीले फूल चढ़ाती महिलाओं से प्रेरित हुए थे.
  • दरगाह में सूफी वसंत भारत की एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और आध्यात्मिक समावेशिता का एक शक्तिशाली प्रतीक है, जिसमें सभी धर्मों के लोग भाग लेते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: निजामुद्दीन दरगाह में वसंत पंचमी पर सूफी वसंत मनाया जाता है, जो एकता और भक्ति का प्रतीक है.

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