बसंत पंचमी: हजरत निजामुद्दीन दरगाह पर 800 साल से चली आ रही पीली चादर चढ़ाने की परंपरा

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News18•23-01-2026, 12:00
बसंत पंचमी: हजरत निजामुद्दीन दरगाह पर 800 साल से चली आ रही पीली चादर चढ़ाने की परंपरा
- •बसंत पंचमी, जो मां सरस्वती को समर्पित है, पर पीले फूल और वस्त्र चढ़ाए जाते हैं.
- •यह त्योहार हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा मनाया जाता है, जिसमें हजरत निजामुद्दीन दरगाह और जामा मस्जिद में कार्यक्रम होते हैं.
- •हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में 800 साल पुरानी परंपरा के तहत पीली चादर चढ़ाई जाती है और 'सूफी बसंत' मनाया जाता है.
- •यह परंपरा तब शुरू हुई जब अमीर खुसरो ने अपने गुरु हजरत निजामुद्दीन औलिया को शोक में देखकर, मां सरस्वती की पूजा करने वाली महिलाओं से प्रेरित होकर, उन्हें खुश करने के लिए पीले फूलों का इस्तेमाल किया.
- •दरगाह में सूफी बसंत गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है, जिसमें सभी धर्मों के लोग भाग लेते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हजरत निजामुद्दीन दरगाह में 800 साल से 'सूफी बसंत' की परंपरा में पीली चादर चढ़ाई जाती है.
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