भारत का AI टैक्स युद्ध: वैश्विक दिग्गजों बनाम कॉपीराइट सुधार.

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Storyboard•06-01-2026, 08:53
भारत का AI टैक्स युद्ध: वैश्विक दिग्गजों बनाम कॉपीराइट सुधार.
- •भारत 2025 के अंत तक AI एल्गोरिदम पर टैक्स लगाने के लिए "वन नेशन, वन लाइसेंस, वन पेमेंट" प्रणाली का प्रस्ताव कर रहा है, जिसमें OpenAI और Google जैसे डेवलपर्स को कॉपीराइट सामग्री के उपयोग के लिए रॉयल्टी का भुगतान करना होगा.
- •नए ढांचे में AI प्रशिक्षण के लिए कंबल लाइसेंस अनिवार्य हैं, लेकिन व्यावसायिक रूप से तैनात होने पर राजस्व का एक प्रतिशत केंद्रीय रॉयल्टी पूल में देना होगा, जिसमें पूर्वव्यापी भुगतान भी शामिल है.
- •कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस प्रस्ताव को संवैधानिक, व्यावहारिक और आर्थिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें नौकरशाही बाधाएं, रॉयल्टी दर निर्धारण और विदेशी-प्रशिक्षित मॉडलों पर प्रवर्तन शामिल है.
- •आलोचकों का तर्क है कि यह प्रणाली घरेलू AI डेवलपर्स पर बोझ डाल सकती है, जबकि वैश्विक फर्में अनुपालन से बच सकती हैं, जिससे भारतीय नवाचार बाधित हो सकता है और AI महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा कमजोर पड़ सकती है.
- •कॉपीराइट अधिनियम, 1957, लेखकत्व को मानवीय रचनात्मकता तक सीमित करता है, जिससे विशुद्ध रूप से AI-जनित सामग्री आम तौर पर कॉपीराइट योग्य नहीं होती है, जिसे RAGHAV AI मामले और ANI बनाम OpenAI मुकदमे ने उजागर किया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का महत्वाकांक्षी AI कॉपीराइट सुधार वैश्विक तकनीकी दिग्गजों पर टैक्स लगाने का लक्ष्य रखता है, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण कानूनी और व्यावहारिक चुनौतियां हैं.
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