India’s approach vis-à-vis China does not promise resolution; it offers durability. In the current regional and global context, durability is the more valuable outcome. Representational image
समाचार
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Firstpost26-12-2025, 16:30

भारत-चीन संबंध: गलवान के बाद स्थायी शत्रुता के बीच सतर्क प्रबंधन.

  • गलवान 2020 के बाद भारत-चीन संबंध शत्रुतापूर्ण और सैन्यीकृत बने हुए हैं, जिन्हें सुलह के बजाय दबाव में प्रबंधित किया जा रहा है, विश्वास अभी तक बहाल नहीं हुआ है.
  • वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) एक लगातार प्रबंधित सुरक्षा समस्या है, जिसमें संस्थागत वार्ता घर्षण बिंदुओं को संबोधित करती है लेकिन समग्र सैन्य स्थिति को नहीं बदलती है.
  • राजनीतिक और राजनयिक जुड़ाव स्थिरता और जोखिम कम करने पर केंद्रित है, न कि विवाद समाधान पर, जो भारत-अमेरिका अभिसरण को तेज करने से बचने की चीन की रणनीतिक गणना को दर्शाता है.
  • भारत रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखता है, अमेरिका के दबाव के बावजूद चीन के खिलाफ प्रॉक्सी बनने का विरोध करता है, और ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक समन्वित चीन-पाकिस्तान चुनौती का सामना करता है.
  • आर्थिक जुड़ाव अब सुरक्षा निर्णयों से अलग है, जबकि हिंद महासागर में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी की बढ़ती उपस्थिति के लिए बढ़ी हुई समुद्री निगरानी की आवश्यकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-चीन संबंध विश्वास या समाधान के बजाय निवारण और सतर्क प्रबंधन के माध्यम से स्थिर हैं, स्थायित्व को प्राथमिकता देते हैं.

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