FTA से 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा: यूरोपीय OEMs भारत में असेंबली लाइनें लगाएंगे, कारों की कीमतें घटेंगी.

अर्थव्यवस्था
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CNBC TV18•28-01-2026, 20:39
FTA से 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा: यूरोपीय OEMs भारत में असेंबली लाइनें लगाएंगे, कारों की कीमतें घटेंगी.
- •वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने संकेत दिया है कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता (FTA) यूरोपीय मूल उपकरण निर्माताओं (OEMs) को भारत में स्थानीय असेंबली लाइनें स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे लिबरलाइज्ड कंप्लीटली नॉक्ड डाउन (CKD) आयात के माध्यम से "मेक इन इंडिया" को बढ़ावा मिलेगा.
- •FTA का लक्ष्य विदेशी OEMs को आयात से असेंबली और अंततः पूर्ण स्थानीयकरण की ओर ले जाना है, जिससे भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र में उच्च-स्तरीय विनिर्माण, गुणवत्ता मानक और उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रथाएं एकीकृत होंगी.
- •ऑटो क्षेत्र और CKD आयात को उदार बनाने से भारतीय उपभोक्ताओं को कम आयात शुल्क के कारण वाहनों की कीमतें कम होंगी, विकल्पों का विस्तार होगा और उच्च सुरक्षा तथा तकनीकी मानकों को सुनिश्चित किया जा सकेगा.
- •भारत की प्रतिबद्धताओं में 160,000 इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) कारों और 90,000 इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए वार्षिक कोटा शामिल है, जिसमें कम टैरिफ-ग्रेडेड संरचनाएं हैं, जो भारत के ऑटोमोटिव उद्योग के संवेदनशील खंडों की रक्षा करती हैं.
- •₹25 लाख से अधिक कीमत वाली यूरोपीय संघ निर्मित कारों के आयात पर शुल्क शुरू में 66-110% से घटकर 30-35% हो जाएगा, और अंततः इन-कोटा शुल्कों के लिए 10% तक पहुंच जाएगा, जबकि भारतीय कारों को यूरोपीय संघ के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-यूरोपीय संघ FTA यूरोपीय ऑटो निर्माताओं को भारत में आकर्षित करेगा, जिससे कारों की कीमतें कम होंगी और स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा.
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