At the heart of the pact are tariff cuts that could make several products cheaper, while some sectors may see limited benefits or remain protected. Here is a look at what is likely to get cheaper — and what may not — after the India-EU FTA. (Image: Reuters)
अर्थव्यवस्था
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CNBC TV1827-01-2026, 19:43

भारत-ईयू एफटीए: ऑटो, एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा, यूरोप बाजार में शून्य शुल्क से निर्यात बढ़ेगा

  • भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत के ऑटो क्षेत्र, ऑटो कंपोनेंट्स और एमएसएमई के लिए सबसे बड़ा विनिर्माण लाभ प्रदान करने के लिए तैयार है.
  • लगभग दो दशकों के बाद संपन्न हुआ यह समझौता, भारतीय निर्यात के 99% और यूरोपीय संघ के शिपमेंट के 97% पर शुल्क समाप्त कर देगा, जिससे यूरोपीय बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी.
  • मेड-इन-इंडिया कारों को यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि भारत 25 लाख रुपये से अधिक की यूरोपीय संघ की कारों पर शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा, जो वार्षिक कोटा के अधीन होगा.
  • उद्योग के नेताओं का कहना है कि एफटीए का वास्तविक महत्व केवल शुल्क कटौती में नहीं, बल्कि भारतीय विनिर्माण के लिए खुलने वाले अवसरों के पैमाने में है, जिससे कपड़ा, चमड़ा और रसायन जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों को लाभ होगा.
  • इस समझौते से एमएसएमई को यूरोपीय मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करके बदलने, औद्योगिक आधुनिकीकरण की लागत कम करने और भारत में यूरोपीय निवेश को और आकर्षित करने की उम्मीद है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए भारतीय विनिर्माण, विशेषकर ऑटो और एमएसएमई को यूरोप में शून्य-शुल्क पहुंच के माध्यम से बढ़ावा देगा.

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