SEZ शुल्क राहत पर उद्योग बनाम सरकार: 'मेक इन इंडिया' कर बहस.

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CNBC TV18•08-01-2026, 20:03
SEZ शुल्क राहत पर उद्योग बनाम सरकार: 'मेक इन इंडिया' कर बहस.
- •उद्योग 'मेक इन इंडिया' और FTA की प्रासंगिकता का हवाला देते हुए SEZ से घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले माल पर सीमा शुल्क में ढील की मांग कर रहा है.
- •वर्तमान नियमों के तहत, SEZ से घरेलू टैरिफ क्षेत्र (DTA) में बेचे जाने वाले माल पर पूर्ण आयात शुल्क लगता है, जिससे प्रतिस्पर्धा में असंतुलन पैदा होता है.
- •अनुराग सहगल (Price Waterhouse & Co LLP) ने केवल आयातित इनपुट पर शुल्क लगाने का सुझाव दिया, जो प्रस्तावित DESH विधेयक के अनुरूप है.
- •पूर्व CBIC अध्यक्ष नजीब शाह ने इसका विरोध किया, तर्क दिया कि SEZ निर्यात-केंद्रित हैं और शुल्क राहत से टैरिफ समानता विकृत होगी.
- •यह बहस केंद्रीय बजट 2026 के लिए एक नीतिगत दुविधा को उजागर करती है: SEZ को विकसित करना या निर्यात पर ध्यान केंद्रित रखना और घरेलू उद्योग की रक्षा करना.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 से पहले, भारत SEZ नीति पर एक महत्वपूर्ण विकल्प का सामना कर रहा है: घरेलू बिक्री का समर्थन करें या निर्यात पर ध्यान केंद्रित रखें.
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