युद्ध के कारण उत्पन्न आपूर्ति जोखिमों के मद्देनजर, वेदांता के अनिल अग्रवाल ने घरेलू संसाधनों को बढ़ाने हेतु नीतिगत स्थिरता और सरल नियमों की वकालत की.